Stories on Positivity- The story of my Airconditioners

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Life And Its Stories

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हम सभी का सपना होता है कि हमारा अपना घर हो …घर में सुख सुविधा का सामान हमारी आर्थिक क्षमता के हिसाब से हो …

अगर आप को अपने घर और उसमे रखे हुए सामान से प्यार और जुड़ाव है….तो आप उन वस्तुओं को निर्जीव वस्तुयें न मानकर जीवित प्राणी समझेंगे और तभी आप ये समझ पायेंगे कि भावनायें केवल सजीव वस्तुओं मे ही नहीं होती बल्कि निर्जीव वस्तु मे भी होती है …

So, what I am trying to say is that there is life even in so called “lifeless forms”.

निर्जीव कही जाने वाली चीजें भी अपनी खुशी अपना गुस्सा प्रकट करती हैं….इसके लिये आपको उनके व्यवहार को सूक्ष्म तरीके से देखना होगा ….इनमे भी Positivity और Negativity दोनो विद्यमान रहते हैं…

सौतिया डाह (जलन) के बारे मे जानते हैं आप…….ज्यादातर यह शब्द पुराने समय मे महिलाओं के लिये ही उपयोग किया जाता था….लेकिन अब समाज में पुरूषों…

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