Stories on Positivity- The story of my Airconditioners

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हम सभी का सपना होता है कि हमारा अपना घर हो …घर में सुख सुविधा का सामान हमारी आर्थिक ?क्षमता के हिसाब से हो … अगर आप को अपने घर और उसमे रखे हुए सामान से प्यार और जुड़ाव है….तो आप उन वस्तुओं को निर्जीव वस्तुयें न मानकर जीवित प्राणी समझेंगे और तभी आप ये समझ पायेंगे कि भावनायें केवल सजीव वस्तुओं मे ही नहीं होती बल्कि निर्जीव वस्तु मे भी? होती है … So, what I am trying to say is that there is life even in so called “lifeless forms”. निर्जीव… Continue reading Stories on Positivity- The story of my Airconditioners